मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विभाग सामान्य एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे के अंतर्गत माताओं, बच्चों और किशोरों के लिए शिक्षण, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा सेवाओं के प्रावधान से संबंधित है। स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदान व्यवस्था के लिए निवारक, प्रोत्साहनात्मक, नैदानिक और प्रबंधकीय कौशलों के एकीकरण के माध्यम से शिक्षण और प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाता है। पड़ोसी चिकित्सा महाविद्यालयों के प्रसूति एवं शिशु रोग वार्ड तथा किशोर स्वास्थ्य क्लीनिक, साथ ही एआईआईएच एंड पीएच, कोलकाता के शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों का उपयोग प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य, किशोर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण में व्यावहारिक/क्षेत्र आधारित प्रशिक्षण के लिए व्यापक रूप से किया जाता है। विभाग की अनुसंधान गतिविधियाँ मुख्य रूप से प्रजनन स्वास्थ्य, सुरक्षित मातृत्व, बाल विकास एवं वृद्धि, बाल स्वास्थ्य समस्याएँ, किशोर स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण के विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित हैं।
विभिन्न स्तरों पर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में सेवाएं प्रदान करने के लिए उच्च कौशल वाले पेशेवरों और प्रबंधकों का विकास करना।
पूर्व में यह विभाग 1933 से मातृत्व एवं शिशु कल्याण में डिप्लोमा (DMCW) नामक स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित करता था। स्थापना के बाद से अब तक कुल 990 डॉक्टरों को DMCW में प्रशिक्षित किया जा चुका है। वर्तमान में विभाग एम.एससी. पब्लिक हेल्थ (MCH) स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित करता है। यह दो वर्षीय पूर्णकालिक मास्टर डिग्री पाठ्यक्रम है और यह वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (WBUHS) से संबद्ध है। यह स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम चिकित्सा एवं नर्सिंग स्नातकों को प्रशासनिक, नैदानिक सेवा तथा शिक्षण/प्रशिक्षण पदों के लिए तैयार करता है और उन्हें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य/प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य के विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षण या गैर-शिक्षण अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणालियों, गैर-सरकारी संगठनों आदि में सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ एवं स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करने में सक्षम बनाता है।
नवीन एवं वयस्क टीकाकरण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण 10.09.2025 को आयोजित किया गया।
- प्रतिभागियों की संख्या: 21
| संकाय | नाम एवं पदनाम | विशेषज्ञता का क्षेत्र | ई-मेल |
|---|---|---|---|
|
डॉ. आर. आर. पति निदेशक-प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष |
पोषण | ranjan[dot]65[dot]pati[at]gmail[dot]com |
|
डॉ. ए. के. मलिक निदेशक-प्रोफेसर |
-- |
| क्रम सं. | पदनाम | कुल पदों की संख्या | रिक्त पद |
|---|---|---|---|
| 1 | स्टेनोग्राफर | 1 | रिक्त नहीं |
| 2 | MTS | 1 | रिक्त नहीं |
| क्रम सं. | संकाय का नाम | कार्यक्रम एवं स्थान का नाम | भूमिका |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. आर. आर. पति | “राष्ट्रीय कर्मयोगी जन सेवा कार्यक्रम, ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स” प्रशिक्षण, मुख्य परिसर, AIIH&PH, कोलकाता | प्रशिक्षु |
| 2 | डॉ. ए. के. मलिक | FaithCON 2025, AIIH&PH, मुख्य परिसर | मॉडरेटर (पैनल चर्चा) |
| 3 | डॉ. ए. के. मलिक | iGOT ऑनलाइन प्रशिक्षण, मुख्य परिसर, AIIH&PH | प्रतिभागी |
| 4 | डॉ. ए. के. मलिक | FETP कार्यक्रम, बी. एन. परिसर, AIIH&PH | प्रतिभागी |
| क्रम सं. | संकाय का नाम | गतिविधि का प्रकार | भूमिका |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. आर. आर. पति | ओडिशा में LCDC (27–29 नवम्बर 2025) | मॉनिटर |
| 2 | डॉ. आर. आर. पति | WBUHS की DHPE परीक्षा | प्रश्न पत्र निर्माता |
| क्रम सं. | प्रकाशन | लेखक |
|---|---|---|
| 1 | Factors influencing abortion among brothel-based sex workers in rural West Bengal, India. Cureus. 2025 Jul 5;17(7): e87333. doi:10.7759/Cureus.e87333 | Biswas A, Sadhukhan SK, Pal J, Pati RR, Ray P, Shaw R, Saren N |
| क्रम सं. | प्रशिक्षण का शीर्षक | समन्वयक | प्रतिभागियों की संख्या |
|---|---|---|---|
| 1 | नवीन एवं वयस्क टीकाकरण पर एक दिवसीय प्रशिक्षण (10.09.2025) | डॉ. रमा रंजन पति | 21 |
एमएससी पब्लिक हेल्थ (एमसीएच) के पाठ्यक्रम की समीक्षा
AIIHPH
