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विभाग और पाठ्यक्रम

1938 में स्वच्छता अभियांत्रिकी विभाग की स्वतंत्र स्थापना के साथ, AIIH&PH देश का पहला तथा संभवतः पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया का पहला सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान था, जहाँ इस प्रकार का विभाग स्थापित किया गया। अपने स्वर्णकाल में इस विभाग में कई पाठ्यक्रम संचालित होते थे, विशेष रूप से – मास्टर ऑफ इंजीनियरिंग (पब्लिक हेल्थ), हैंडपंप रखरखाव और ग्रामीण स्वच्छता में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम।

विभाग ने सामुदायिक जल आपूर्ति और स्वच्छता, ऑन-साइट स्वच्छता, प्रमुख नदियों के प्रदूषण नियंत्रण, पश्चिम बंगाल में भूजल में आर्सेनिक संदूषण और उसके निवारण उपायों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन पर पायलट अध्ययन आदि पर अग्रणी अध्ययन और परिचालन अनुसंधान किए हैं। साथ ही WHO, ICMR, MRD-GOI, UNICEF, UNDP, KMDA, CPHEEO आदि विभिन्न एजेंसियों को परामर्श और सलाहकार सेवाएँ भी प्रदान की हैं। विभागीय गतिविधियों और अनुसंधान के महत्वपूर्ण योगदान के कारण, देश के जल प्रदूषण नियंत्रण कानूनों के निर्माण में इस विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

विभाग का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के तरीकों और साधनों के माध्यम से एक स्वस्थ समुदाय का निर्माण करना है।

  • विभाग विभिन्न सरकारी संगठनों और गैर-सरकारी संगठनों से प्राप्त नमूनों के लिए 17 विभिन्न मानकों के अंतर्गत पेयजल का रासायनिक विश्लेषण करता है।
  • स्पेक्ट्रोफोटोमीटर आधारित परीक्षण कुछ मानकों से प्रारंभ किया गया।
  • स्वच्छता स्वास्थ्य निरीक्षक पर प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम, एक वर्ष की अवधि का कौशल विकास पाठ्यक्रम, वर्ष 2018 से प्रधानमंत्री कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित है, जिसमें प्रति बैच 25 छात्रों की प्रवेश क्षमता है। यह कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा निर्धारित राष्ट्रीय गुणवत्ता मानक रूपरेखा (NQSF) के दिशा-निर्देशों पर आधारित है। सत्र 2025-26 में वर्तमान में 21 अभ्यर्थी पाठ्यक्रम कर रहे हैं।
  • 23 जुलाई 2025 को ‘वेस्ट मैनेजमेंट टेक्निक्स’ पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें MD(CM) और SHI के छात्रों सहित कुल 42 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
  • आयोजित आउटरीच जागरूकता कार्यक्रमों की संख्या: तीन
  • ‘हैंड हाइजीन’ एवं ‘स्वच्छता’ पर दो कार्यक्रम तथा ‘प्लास्टिक – हानियाँ एवं विकल्प’ पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुल सहभागिता – 200 व्यक्ति
  • 7 मार्च 2025 को छात्रों का शैक्षणिक भ्रमण इंदिरा गांधी जल शोधन संयंत्र, बैरकपुर में आयोजित किया गया (प्रतिभागी – 35 व्यक्ति)।

संकाय नाम एवं पद विशेषज्ञता का क्षेत्र ई-मेल
Dr. Amit Banik डॉ. अमित बनिक
प्रोफेसर (माइक्रोबायोलॉजी) एवं विभागाध्यक्ष (कार्यवाहक)
माइक्रोबायोलॉजी, जल गुणवत्ता आकलन, पर्यावरण स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन dramib[at]aiihph[dot]gov[dot]in

क्रम संख्या पदनाम कुल पद रिक्त पद कार्यरत किए गए कार्य
1 प्रोफेसर 2 2 0 अनुसंधान, परियोजनाएँ, परामर्श, शिक्षण
2 एसोसिएट प्रोफेसर 2 2 0 अनुसंधान, परियोजनाएँ, परामर्श, शिक्षण
3 असिस्टेंट प्रोफेसर 4 4 0 अनुसंधान, परियोजनाएँ, परामर्श, शिक्षण
4 असिस्टेंट रिसर्च ऑफिसर 1 1 0 अनुसंधान
5 डेमोंस्ट्रेटर 2 2 0 शिक्षण
6 मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट 4 1 3 प्रयोगशाला विश्लेषण कार्य
7 जूनियर मेडिकल लैबोरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट 2 1 1 प्रयोगशाला विश्लेषण कार्य एवं रसायनों का रखरखाव
8 ड्राफ्ट्समैन 4 3 1 ड्राइंग एवं कार्यालय कार्य
9 लैब अटेंडेंट 4 2 2 धुलाई एवं रखरखाव
10 एमटीएस 2 1 1 (साझा) सहायक सेवा

संकाय का नाम कार्यक्रम एवं स्थान का नाम भूमिका
डॉ. अमित बनिक राष्ट्रीय परियोजना “जल जीवन मिशन के माध्यम से ग्रामीण भारत में परिवर्तनकारी बदलाव का आकलन: ग्रामीण भारत में पाँच वर्षीय सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन और सामुदायिक सहभागिता (एंथ्रोपोलॉजिकल दृष्टिकोण)” पर कार्यशाला, एंथ्रोपोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया मुख्यालय, कोलकाता। कार्यप्रणाली कार्यशाला में राष्ट्रीय विशेषज्ञ

संकाय का नाम गतिविधि का प्रकार: EMR ड्यूटी / राष्ट्रीय कार्यक्रम मूल्यांकन / अन्य परामर्श भूमिका
डॉ. अमित बनिक पॉइंट्स ऑफ एंट्री पीएच (IH सेक्शन), DGHS के लिए जल सुरक्षा योजना एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना हेतु राष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञ समूह विशेषज्ञ सदस्य
डॉ. अमित बनिक श्यामाप्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता (SMPK) में संयुक्त निरीक्षण एवं ठोस अपशिष्ट कुप्रबंधन न्यूनीकरण के लिए टीम लीड विशेषज्ञ सदस्य

क्रम संख्या प्रशिक्षण का शीर्षक समन्वयक प्रतिभागियों की संख्या
1 वेस्ट मैनेजमेंट टेक्निक्स
अवधि: 1 दिन
तिथि: 23 जुलाई 2025
डॉ. अमित बनिक 42
2 हैंड हाइजीन एवं स्वच्छता
अवधि: 1 दिन
तिथि: 3 अप्रैल 2025
डॉ. अमित बनिक 68
3 प्लास्टिक – हानियाँ एवं विकल्प
अवधि: 1 दिन
तिथि: 9 अप्रैल 2025
डॉ. अमित बनिक 75
4 स्वच्छता एवं हैंडवॉश
अवधि: 1 दिन
तिथि: 28 अगस्त 2025
डॉ. सयान भट्टाचार्य 55

  • विभाग में विज़िबल रेंज स्पेक्ट्रोफोटोमीटर का उपयोग करते हुए विभिन्न पैरामीटर का पिलो आधारित आकलन शुरू किया गया – क्षारीयता, जिंक, कॉपर, एल्युमिनियम पैरामीटर।
  • प्रयोगशाला कार्य एवं राजस्व सृजन।
  • परीक्षण हेतु उपलब्ध पैरामीटर – टर्बिडिटी, pH, क्षारीयता, कुल कठोरता, क्लोराइड, चालकता, लोहा, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फेट, नाइट्रेट, आर्सेनिक, फ्लोराइड, अवशिष्ट क्लोरीन, क्लोराइड डिमांड टेस्ट।

क्रम संख्या जाँचे गए नमूनों की संख्या जाँचे गए पैरामीटर की संख्या प्राप्त राजस्व (₹)
1 33 101 56,120/-
2 76 532 0/-
(छात्र शोध प्रबंध / अनुसंधान हेतु शुल्क माफ)
कुल 109 633 56,120/-