स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात भारत में व्यावसायिक एवं औद्योगिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की गंभीर कमी थी। इस राष्ट्रीय आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अखिल भारतीय स्वच्छता एवं जनस्वास्थ्य संस्थान (AIIH&PH) के व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग की स्थापना वर्ष 1949 में की गई तथा उसी वर्ष डिप्लोमा इन इंडस्ट्रियल हेल्थ (DIH) पाठ्यक्रम प्रारम्भ किया गया।
समय के साथ क्षमता निर्माण की यह परंपरा निरंतर विकसित होती गई और वर्तमान में विभाग का प्रमुख प्रशिक्षण कार्यक्रम एसोसिएट फेलो ऑफ इंडस्ट्रियल हेल्थ (AFIH) है, जो एक दक्षता-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य चिकित्सकीय पेशेवरों को कार्यस्थल सुरक्षा, औद्योगिक स्वच्छता, जोखिम प्रबंधन तथा नियामकीय अनुपालन से संबंधित समकालीन ज्ञान एवं कौशल से सुसज्जित करना है।
सात दशकों से अधिक समय से यह विभाग भारत में व्यावसायिक स्वास्थ्य के क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विभाग द्वारा प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारी कोयला, सीमेंट, बंदरगाह, खनन, तेल एवं पेट्रो-रसायन, पेंट, विमानन तथा रेलवे जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। विभाग के पूर्व छात्र साक्ष्य-आधारित कार्यप्रणाली तथा उत्तरदायी नेतृत्व के माध्यम से औद्योगिक कार्यस्थलों को अधिक सुरक्षित एवं स्वस्थ बनाने में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
वर्तमान में यह विभाग शिक्षण, अनुसंधान, प्रशिक्षण तथा क्षेत्रीय विस्तार गतिविधियों का एक राष्ट्रीय केंद्र बन चुका है। विभाग व्यावसायिक एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य से संबंधित नीतियों के विकास, दिशा-निर्देशों के निर्माण तथा राष्ट्रीय जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय योगदान देता है। विभाग के संकाय सदस्य राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक मंचों पर सक्रिय भागीदारी करते हैं, बहुविषयक अनुसंधान परियोजनाओं में सहयोग करते हैं तथा उद्योग, सरकार एवं सामुदायिक संगठनों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करते हैं।
नवाचार, सतत कौशल-विकास तथा व्यावहारिक प्रभाव पर विशेष बल देते हुए व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग भारत में कार्यबल सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने तथा व्यावसायिक स्वास्थ्य विज्ञान एवं व्यवहार के विकास के प्रति निरंतर प्रतिबद्ध है।
- व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग देश के औद्योगिक तथा असंगठित क्षेत्रों में व्यावसायिक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शैक्षणिक, अनुसंधान, प्रशिक्षण, आउटरीच तथा नीतिगत गतिविधियों में सक्रिय रूप से संलग्न है।
व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग देश के औद्योगिक तथा असंगठित क्षेत्रों में व्यावसायिक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शैक्षणिक, अनुसंधान, प्रशिक्षण, आउटरीच तथा नीतिगत गतिविधियों में सक्रिय रूप से संलग्न है।
1. शिक्षण (Teaching):
विभाग विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से शैक्षणिक शिक्षण एवं क्षमता निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिनमें
शामिल हैंः
• एसोसिएट फेलो ऑफ इंडस्ट्रियल हेल्थ (AFIH) : कुल क्षमता – 25
• व्यावसायिक स्वास्थ्य (Occupational Health) में इंटर्नशिप कार्यक्रम
• संस्थान के विभिन्न शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में अध्यापन, जैसे – कोर कोर्स [एमडी (सामुदायिक चिकित्सा), एमडी
(एमपीएच) महामारी विज्ञान आदि], एम.एससी. एमसीएच, एम.एससी. न्यूट्रिशन, डीएचपीई, एम.एससी. एचपीई,
एसएचआई आदि।
2. प्रशिक्षण (Training):
विभाग नियमित रूप से विभिन्न प्रतिभागियों, जैसे चिकित्सा पेशेवरों, प्रयोगशाला कर्मियों, सुरक्षा विशेषज्ञों तथा
औद्योगिक एवं गैर-औद्योगिक क्षेत्रों से जुड़े अन्य इच्छुक व्यक्तियों के लिए व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं एर्गोनॉमिक्स
संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है।
- आरएलआई कोलकाता से AFIH छात्रों के लिए BOHS प्रशिक्षण (24.02.2025) – प्रतिभागी: 19
- AIIHPH, मुख्य परिसर के सभी 'सफाई कर्मचारी/ स्वच्छता चैंपियंस' के लिए प्रशिक्षण सह सम्मान कार्यक्रम (15.04.2025) – प्रतिभागी: 15
- कल्याणी विश्वविद्यालय के फिजियोलॉजी विभाग के एम.एससी. और पीएचडी छात्रों के लिए AIIHPH (मुख्य परिसर) में व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर प्रशिक्षण कार्यक्रम (05.06.2025) – प्रतिभागी: 9
- AIIHPH में मेडिकल स्नातकों और लैब तकनीशियनों के लिए व्यावसायिक स्वास्थ्य पर प्रयोगशाला और चिकित्सा उपकरणों पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम: 21 प्रतिभागी
- सरकारी जनरल डिग्री कॉलेज, नारायणगढ़, मिदनापुर के एम.एससी. न्यूट्रिशन छात्रों के लिए व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग का शैक्षणिक भ्रमण – 09.09.2025
- CSIR-राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (CSIR-NEERI), कोलकाता का शैक्षणिक भ्रमण – 12.09.2025
बाह्य अनुसंधान परियोजनाओं की संख्या: 2
डिसर्टेशन / लघु अध्ययन की संख्या: 20
प्रकाशित शोध लेखों की संख्या: 17
| फैकल्टी | नाम एवं पदनाम | विशेषज्ञता का क्षेत्र | ई-मेल |
|---|---|---|---|
|
डॉ. मोनालिशा साहू एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष |
व्यावसायिक स्वास्थ्य, पर्यावरणीय स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन | drmonalisha[at]outlook[dot]com |
|
डॉ. अरित्रा हाज़रा सहायक प्रोफेसर |
व्यावसायिक स्वास्थ्य | arittraahazra[at]gmail[dot]com |
|
डॉ. मोनिषा जे. जीडीएमओ |
व्यावसायिक स्वास्थ्य | monijay28[at]gmail[dot]com |
| क्रम संख्या | पदनाम | कुल स्वीकृत पद | रिक्त पद |
|---|---|---|---|
| 1 | एम.एल.टी. (MLT) | 2 | 1 |
| 2 | आशुलिपिक | 1 | 0 |
| 3 | एम.टी.एस. (MTS) | 1 | 0 |
| 4 | प्रयोगशाला परिचर | 1 | 0 |
| क्रम संख्या | फैकल्टी का नाम | कार्यक्रम एवं स्थान का नाम | भूमिका |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. मोनालिशा साहू |
इंडो – यूएस कॉन्फ्रेंस ऑन क्लाइमेट चेंज इम्पैक्ट्स ऑन ऑक्युपेशनल एंड एनवायरनमेंटल हेल्थ (CliCONEOH 2025), अहमदाबाद, गुजरात एनवायरनमेंट एंड सोशल सेफगार्ड असेसमेंट (ESSA) समिति बैठक, डिब्रूगढ़ 75वीं नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ इंडियन कॉन्फ्रेंस ऑन ऑक्युपेशनल हेल्थ हेल्थ OCCUCON – 2025, चेन्नई 6वां ICC नेशनल OHSE अवार्ड्स 2024 मेंटल हेल्थ इन डिजिटल एरा NSCI वेबिनार ऑक्युपेशनल हेल्थ अवेयरनेस वेबिनार, CTEA मैसूर 13वीं ASSP इंडिया चैप्टर वार्षिक प्रोफेशनल डेवलपमेंट कॉन्फ्रेंस, चेन्नई क्लाइमेट चेंज इन ऑक्युपेशनल हेल्थ वेबिनार |
शोध पत्र प्रस्तुत एवं आमंत्रित वक्ता वक्ता शोध पत्र प्रस्तुत आमंत्रित वक्ता विशिष्ट वक्ता वक्ता वक्ता वैज्ञानिक समिति सदस्य पैनलिस्ट |
| क्रम संख्या | फैकल्टी का नाम | गतिविधि का प्रकार | भूमिका |
|---|---|---|---|
| 1 | डॉ. मोनालिशा साहू | NHRC – राइट टू फूड पर कोर ग्रुप | सदस्य |
| 2 | डॉ. मोनालिशा साहू | ICMR पर्यावरण एवं सामाजिक प्रभाव आकलन समिति | विशेषज्ञ |
| 3 | डॉ. मोनालिशा साहू | इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स की ऑक्युपेशनल हेल्थ एवं सेफ्टी समिति | विशेषज्ञ |
| 4 | डॉ. मोनालिशा साहू | ICC OHS अवार्ड | जूरी सदस्य |
Publications
Sahu M, Morell IA, Sagar V, Kujur A, Kumar D, Chatterjee PK, et al. Protocol paper for healthy ageing for Indigenous communities in India and Sweden with focus on nutritious and culturally adequate food provision. BioMed Central.
Sahu M, Basu G. Beyond broken homes: Why climate resilience must start with the human psyche. PLOS Climate.
Narang P, Sahu M, Datta M, et al. Frontlines of climate change and global health inequity: How recurring cyclones undermine health, livelihoods, and development in the Indian Sundarbans. Annals of Global Health.
Hussain MA, Chaudhari A, Siware N, et al. Noise hazard awareness among street vendors and evaluation of noise levels in the market areas of North Kolkata: A cross-sectional study.
Nagesh S, Sahu M. Frontlines burning: Women’s lives at the heart of climate injustice. PLOS Global Public Health.
Das P, Gupte M, Sahu M, Nagesh S. Tackling gender-based violence in public health workplaces in India: A call for systemic change. PLOS Global Public Health.
Sahu M. Workplace stress management: A roadmap to employee wellbeing. Chronicle. 2025.
Sahu M. Strengthening Safety Culture in the Gig and Informal Economy. National Safety Council HSE Diary.
Sahu M. Addressing Heat Stress and Hydration Strategies for Workers. National Safety Council HSE Diary.
Simon M, Ningombam JD, Sahu M, Banerjee SB. Psychological impact of night shifts: Prevalence of depression, anxiety, and stress among healthcare workers in a tertiary care hospital, Chennai, Tamil Nadu. Indian Journal of Public Health Research & Development. 2025;16(3).
Roy S, Bandyopadhyay L, Sahu M, Paul B. Aging with strength: Locomotor capacity and its determinants among the rural elderly community of India. Journal of Family Medicine and Primary Care. 2025;14(7):2927–33.
Barman S, Sahu M, Chakraborty A, Dasgupta A. A mixed-methods study on risk perception and safety practices among unorganized construction workers in a municipal area of West Bengal. American Journal of Industrial Medicine. 2025;68:S60–70.
Elumalai V, Devi NJ, Sahu M, Banerjee S. Prevalence and risk factors of varicose veins in a tertiary care hospital in Pondicherry: A cross-sectional study.
Roy S, Bandyopadhyay L, Sahu M, Modak D, Paul B. Development and validation of a quantitative tool for assessment of sense of grip on disease among PL-HIV: A confirmatory factor analysis. International Journal of Community Medicine and Public Health. 2025;12(1):275.
Sahu M, Kujur A, Venugopal V, Govil P, Sinha R, Mathur M, Rehman T, Rana RK, Kumar D. Tribal health: A public health exigency and road map to future. Indian Journal of Community Medicine. 2024;49(Suppl 2):S217–21.
Sengupta T, Mallick AK, Sahu M, Sarkar S. Double burden of malnutrition among mother–child dyads in a rural area of West Bengal, India: A comprehensive analysis of contributing factors. Kathmandu University Medical Journal. 2025;90(2):188–93.
Prabakaran R, Sahu M, Ningombam JD, Banerjee SB. Dermatological morbidity and risk factors among garment industry workers in Chennai, India. Indian Journal of Public Health Research & Development. 2025;16(3):204–11.
Paul B, Ningombam JD, Barui A, Sahu M. Physical activity levels and morbidities among bank employees of Greater Kolkata, India. MRIMS Journal of Health Sciences. 29 March 2025.
Sahu M. Breaking barriers: Tackling vertical occupational segregation and ensuring women’s safety in healthcare.
Roy S, Bandyopadhyay L, Sahu M, Paul B, et al. Development and validation of a quantitative tool for assessment of sense of grip on disease among PL-HIV: A confirmatory factor analysis.
Roy S, Bandyopadhyay L, Chakraborty A, Kumar R, Sahu M, Paul B, et al. What’s shaping medical students’ attitudes towards lesbian, gay, bisexual, and transgender (LGBT) community? Kathmandu University Medical Journal.
| क्रम संख्या | डिसर्टेशन / लघु अध्ययन का शीर्षक | छात्र का नाम |
|---|---|---|
| 1 | कोलकाता, पश्चिम बंगाल में दंत चिकित्सकों में कार्य-संबंधित मस्कुलो-स्केलेटल विकारों की व्यापकता का अध्ययन | डॉ. अभिषेक चक्रवर्ती |
| 2 | कोलकाता के एक तृतीयक देखभाल अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों में हाथ स्वच्छता प्रथाओं और ज्ञान का अध्ययन | डॉ. अद्वया दास |
| 3 | ग्रेटर कोलकाता के बैंक कर्मचारियों में शारीरिक गतिविधि स्तर का मूल्यांकन | डॉ. अनिंदिता बारुई |
| 4 | ECL के कोयला खनिकों में शराब सेवन और उसके दीर्घकालिक परिणाम पर अध्ययन | डॉ. अरिंदम बनर्जी |
| 5 | फुचका फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों में हाथ स्वच्छता और त्वचा रोग | डॉ. चंद्र नाथ डे |
| 6 | विशाखापत्तनम के निजी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में कार्यरत नर्सों में पैर दर्द की व्यापकता | डॉ. चिन्नी गणेश |
| 7 | भूमिगत कोयला खनिकों में चयापचय रोगों की व्यापकता का अध्ययन | डॉ. दहीवाले अक्षय सी |
| 8 | गुरुग्राम के ऑटोमोबाइल उद्योग में श्रमिकों की रोग प्रोफाइल का अध्ययन | डॉ. लोकेश |
| 9 | ऑटोमोबाइल उद्योग में व्यावसायिक जोखिम और उनके प्रभाव | डॉ. नित्यानंद कुमार |
| 10 | कोयला खनिकों में T2DM और दवा अनुपालन की व्यापकता पर अध्ययन | डॉ. परमार आशुतोष |
| 11 | हिंदाल्को उद्योग, रेनुकूट में कंप्यूटर कर्मचारियों में स्वास्थ्य समस्याओं की व्यापकता | डॉ. प्रवीण कुमार परगी |
| 12 | चेन्नई के परिधान उद्योग में काम करने वाले लोगों में त्वचा रोगों का अध्ययन | डॉ. आर. प्रभाकरन |
| 13 | तमिलनाडु के वुड उद्योग में श्रमिकों में व्यावसायिक चोटों का अध्ययन | डॉ. जी. रगुवर्धन |
| 14 | ऑटो रिक्शा चालकों में सुनने की क्षमता हानि का अध्ययन | डॉ. राजर्षि सेनगुप्ता |
| 15 | कोयला खनिकों में उच्च रक्तचाप, चिंता और तनाव की व्यापकता का अध्ययन | डॉ. राजेश भौमिक |
| 16 | कोयला खनिकों की रोग प्रोफाइल का अध्ययन | डॉ. सभ्यसाची माइती |
| 17 | कोलकाता के घरेलू सहायकों में कार्य-संबंधित मस्कुलो-स्केलेटल दर्द की व्यापकता | डॉ. सयंतनी सरकार |
| 18 | चेन्नई के अस्पतालों में नाइट शिफ्ट कर्मचारियों में अवसाद, चिंता और तनाव की व्यापकता | डॉ. साइमन राज मारिया डॉस |
| 19 | आपातकालीन और क्रिटिकल केयर डॉक्टरों एवं नर्सों में नींद विकार की व्यापकता | डॉ. एसएस चैतन्य प्रसाद |
| 20 | जूट मिल श्रमिकों में मस्कुलो-स्केलेटल विकारों और रोग प्रोफाइल की व्यापकता | डॉ. सौराज सरकार |
| 21 | असंगठित स्क्रैपयार्ड श्रमिकों की रोग प्रोफाइल का अध्ययन | डॉ. सुमित अग्निहोत्री |
| 22 | जयपुर के निर्माण श्रमिकों में मानसिक स्वास्थ्य के बोझ का अध्ययन | डॉ. सुरज असीवाल |
| 23 | पांडिचेरी के अस्पताल में आने वाले विभिन्न श्रमिकों में वैरिकोज वेन की व्यापकता का अध्ययन | डॉ. विग्नेश एलुमलाई |
| क्रम संख्या | प्रशिक्षण / कार्यक्रम का शीर्षक | समन्वयक | प्रतिभागियों की संख्या |
|---|---|---|---|
| 1 | आनंदनगर PHC सिंगुर में आशा कार्यकर्ताओं के लिए स्वास्थ्य शिविर (04.03.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 35 |
| 2 | RHU&TC, सिंगुर में आशा कार्यकर्ताओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम सह व्यावसायिक वेलनेस क्लिनिक (29.04.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 25 |
| 3 | RHU&TC, सिंगुर में आशा कार्यकर्ताओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम सह व्यावसायिक वेलनेस क्लिनिक (27.05.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 19 |
| 4 | AIIH&PH स्टाफ के लिए स्वास्थ्य शिविर (IRIS अस्पताल के सहयोग से) (03.06.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 54 |
| 5 | AIIH&PH बिधाननगर परिसर में स्टाफ के लिए स्वास्थ्य शिविर (IRIS अस्पताल के सहयोग से) (04.06.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 49 |
| 6 | कोठारी मेडिकल सेंटर के सहयोग से स्वास्थ्य जांच शिविर (02.07.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 38 |
| 7 | जादवपुर में ट्रैफिक पुलिस के लिए व्यावसायिक वेलनेस क्लिनिक एवं जागरूकता शिविर (02.09.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 51 |
| 8 | AIIH&PH अधिकारियों के लिए नेत्र जांच शिविर (Susrut Eye Foundation के सहयोग से) (09.09.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 81 |
| 9 | महिला कर्मचारियों के लिए व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर (22.09.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 95 |
| 10 | AIIH&PH सफाई कर्मचारियों के लिए व्यावसायिक स्वास्थ्य वेलनेस क्लिनिक (25.09.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 15 |
| 11 | महिलाओं के खिलाफ हिंसा उन्मूलन अंतरराष्ट्रीय दिवस कार्यक्रम (25.11.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 110 |
| 12 | ICMR संयुक्त परियोजना हेतु स्वीडिश टीम का दौरा | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | |
| 13 | गहन सफाई एवं इनडोर पौधारोपण अभियान (11.04.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | |
| 14 | स्वच्छ भारत मिशन विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम (14.10.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 20 |
| 15 | स्वच्छ भारत मिशन विशेष अभियान 5.0 के अंतर्गत छात्रों के लिए जागरूकता कार्यक्रम (14.10.2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 50 |
| 16 | बदलते जलवायु में श्रमिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य पर रणनीतिक कार्यशाला (9–10 अक्टूबर 2025) | व्यावसायिक स्वास्थ्य विभाग | 25 राष्ट्रीय विशेषज्ञ |
- • 25 राष्ट्रीय विशेषज्ञों की सहभागिता के साथ “परिवर्तित जलवायु में श्रमिकों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य” विषयक
- रणनीतिक कार्यशाला का आयोजन।
- • व्यावसायिक स्वास्थ्य उपकरणों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम।
- • व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं वेलनेस शिविर का आयोजन।
- • नवीन उपकरणों के साथ व्यावसायिक स्वास्थ्य प्रयोगशाला का पुनर्जीवन एवं सुदृढ़ीकरण।
- • व्यावसायिक एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य में फेलोशिप पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की योजना।
